शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

पखांजूर।
आदिवासी छात्र युवा संगठन और सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग पखांजूर द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर देशभर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक और परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के माध्यम से भेजा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट (NEET) परीक्षा में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। संगठन ने मांग की है कि सभी परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कानून और संस्थागत व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है। इसके अलावा, नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।
ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार से युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
यह ज्ञापन 21 जुलाई 2026 को पखांजूर में आदिवासी छात्र युवा संगठन एवं सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग द्वारा सौंपा गया।




