वनोपज जांच नाका तोड़कर भागा तेज रफ्तार ट्रक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल — आखिर किसके संरक्षण में बेलगाम दौड़ रहे भारी वाहन ?
बड़गांव वनोपज जांच नाका तोड़कर भागा तेज रफ्तार ट्रक, कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश

बड़गांव
क्षेत्र में भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार लगातार लोगों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है। ताजा मामला बड़ेगांव स्थित वनोपज जांच नाके का है, जहां देर रात एक तेज रफ्तार ट्रक ने वनोपज जांच नाके के बैरियर को जोरदार टक्कर मारकर तोड़ दिया और बिना रुके मौके से फरार हो गया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था, जांच प्रणाली और जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि बैरियर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद भी ट्रक को रोकने या पकड़ने की कोई प्रभावी कार्रवाई तत्काल नहीं हो सकी। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि जांच नाका ही सुरक्षित नहीं है तो अवैध परिवहन और नियमों का पालन कैसे सुनिश्चित होगा?
क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों सूरजगढ़ माइंस से जुड़े भारी वाहन दिन-रात बड़ी संख्या में इस मार्ग से गुजरते हैं। कई ट्रक तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाए जाते हैं, जिससे आम लोगों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
कुछ दिन पहले ही पखांजूर के पुराना बाजार चौक में एक तेज रफ्तार भारी वाहन द्वारा गाय के बछड़े को कुचलने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। उस घटना के बाद भी लोगों ने भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण, सीसीटीवी फुटेज की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब जांच नाका तोड़कर ट्रक के फरार होने की घटना ने लोगों में फिर से भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बड़ेगांव मार्ग पर देर रात भारी वाहनों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। कई बार ट्रक चालक नियमों की अनदेखी करते हुए तेज गति से वाहन चलाते हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो भविष्य में कोई बड़ी जनहानि हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि घटना में शामिल ट्रक की पहचान कर उसके चालक और वाहन मालिक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही वनोपज जांच नाके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए, आसपास के कैमरों की भी जांच की जाए तथा यह पता लगाया जाए कि ट्रक किस कंपनी, किस परिवहनकर्ता या किस कार्य से संबंधित था।
लोगों ने यह भी मांग की है कि बड़ेगांव से पखांजूर मार्ग पर भारी वाहनों के लिए गति सीमा निर्धारित की जाए, रात के समय पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त जांच अभियान चलाया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का परमिट और फिटनेस तक निरस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार विरोध, दुर्घटनाओं और शिकायतों के बावजूद यदि जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहते हैं, तो यह आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही होगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस घटना को सामान्य दुर्घटना मानकर भूल जाएगा या दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर कानून का भय स्थापित करेगा।
क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगें:
# वनोपज जांच नाका तोड़ने वाले ट्रक की तत्काल पहचान कर गिरफ्तारी।
# सीसीटीवी फुटेज की जांच कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा।
# संबंधित वाहन मालिक और परिवहन कंपनी पर कठोर कार्रवाई।
# बड़ेगांव–पखांजूर मार्ग पर भारी वाहनों की गति पर सख्त नियंत्रण।
# रात में पुलिस, परिवहन और वन विभाग की संयुक्त जांच।
# भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था।




