18 चक्कों के बाद अब 22 चक्कों की एंट्री! परलकोट की सड़क पर बढ़ता भारी वाहनों का दबाव
सड़क की क्षमता और भारी वाहनों की आवाजाही पर उठ रहे सवाल, जिम्मेदारों से जवाब की उम्मीद

पखांजूर।
दुर्गकोंदल–बड़गांव–कापसी–पखांजूर–बांदे होते हुए PV-109 तक जाने वाली सड़क इन दिनों भारी वाहनों की लगातार आवाजाही को लेकर चर्चा में है। पहले इस मार्ग पर 18 चक्कों वाले भारी वाहन दिखाई देते थे, लेकिन अब 22 चक्कों वाले बड़े वाहन भी सड़क पर दौड़ते नजर आ रहे हैं।
तस्वीरें साफ बता रही हैं कि सड़क पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ना स्वाभाविक है कि जिस सड़क पर पहले से गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से मौजूद हैं, वहां लगातार बढ़ते भारी यातायात का असर आने वाले दिनों में क्या होगा।
क्षेत्र के लोग हल्के व्यंग्य में कह रहे हैं—
“18 चक्कों से सड़क की परीक्षा चल रही थी, अब 22 चक्कों का नया पेपर आ गया है!

सूरजागढ़ माइंस से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर पहले भी सड़क की स्थिति, यातायात सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल है कि सड़क की निर्धारित क्षमता और उस पर चलने वाले भारी वाहनों के बीच कितना सामंजस्य है।
वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी लोगों की अपेक्षा है कि वे इस मुद्दे को केवल बयान तक सीमित न रखकर सड़क की वास्तविक स्थिति और भारी वाहनों के दबाव को लेकर संबंधित विभाग से ठोस जवाब मांगें।
जनता का सवाल सीधा है—
“गाड़ियां लगातार बड़ी होती जा रही हैं, लेकिन क्या सड़क को भी उसी हिसाब से मजबूत किया जा रहा है?”
फिलहाल स्थिति यह है कि 18 चक्कों के बाद 22 चक्कों की एंट्री हो चुकी है और सड़क चुपचाप यह सब झेल रही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों की नजर इस बढ़ते दबाव पर कब पड़ती है और सड़क को लेकर कोई स्थायी समाधान कब सामने आता है।




