दूरस्थ गांवों तक पहुंचे कलेक्टर, बीमार बालक को मोटरबोट से अस्पताल पहुंचाकर कराया भर्ती
दुर्गम इलाकों में प्रशासन की दस्तक, कलेक्टर ने खुद संभाली बीमार बच्चे की जिम्मेदारी

पखांजूर।
कोयलीबेड़ा विकासखंड के दूरस्थ और दुर्गम गांवों के आकस्मिक दौरे पर पहुंचे कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने सोमवार को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल एवं विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कंदाड़ी, आलदंड, खैरीपदर, बांगोभोड़िया सहित कई गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और विभिन्न समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस दौरान कंदाड़ी गांव में मलेरिया से पीड़ित लगभग 8 वर्षीय बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने उसे अपने साथ मोटरबोट से पखांजूर सिविल अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को बेहतर उपचार एवं आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सितरम सेक्टर के 13 गांवों में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में 217 ग्रामीणों की जांच की गई, जिनमें 8 मलेरिया संक्रमित मरीज मिले, जिनका तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया।
कलेक्टर ने नदी पार कर मोटरबोट और मोटरसाइकिल के माध्यम से जर्जर स्कूल भवनों, आश्रम छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने खैरीपदर और बांगोभोड़िया के स्कूलों के नए भवनों के लिए प्रस्ताव भेजने, कंदाड़ी आंगनबाड़ी भवन का निर्माण शीघ्र पूरा करने तथा छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान कंदाड़ी के ग्रामीणों ने आवागमन के लिए अतिरिक्त मोटरबोट और नल-जल योजना के सुचारु संचालन की मांग रखी। इस पर कलेक्टर ने दो अतिरिक्त मोटरबोट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया तथा पेयजल समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए।
पखांजूर के समीप अंजाड़ी नाला पुल का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने पुल में आई दरारों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के सीईओ उदय नाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




