गड्ढे भरे या परेशानी बढ़ाई? पखांजूर पुराना बाजार में 40 एमएम गिट्टी से वाहन चालक परेशान

पखांजूर।
पखांजूर पुराना बाजार में सड़क के गड्ढों को भरने और सड़क किनारे सुधार के नाम पर सूरजगढ़ माइंस द्वारा काम तो कराया गया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत के बाद राहत मिलने के बजाय परेशानी और बढ़ गई है। सड़क पर बड़े आकार की गिट्टी डाल दिए जाने से दोपहिया और छोटे वाहनों के चालकों को संभलकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 40 एमएम से 60 एमएम आकार की गिट्टी सड़क पर बिछाई गई है। ऐसे रास्ते पर बाइक, स्कूटी और छोटे वाहनों को चलाना आसान नहीं है। गिट्टी के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ने, फिसलने तथा टायर को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।

लोगों का कहना है कि मरम्मत का मतलब सिर्फ गड्ढे में कुछ भी भर देना नहीं, बल्कि सड़क को इस तरह दुरुस्त करना होना चाहिए कि आम आदमी सुरक्षित तरीके से गुजर सके। यदि बड़े आकार की गिट्टी डालकर सड़क छोड़ दी जाती है तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि यह राहत है या सिर्फ खानापूर्ति?
फोटो चमकी, सड़क पर गिट्टी ही गिट्टी!
सोशल मीडिया पर सड़क सुधार की तस्वीरें देखकर ऐसा लगता है कि पुराना बाजार की सड़क का कायाकल्प हो गया है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कैमरे के फ्रेम से बाहर निकलते ही असली समस्या दिखाई देती है।
व्यंग्य में लोग कह रहे हैं—
“फोटो में सड़क शानदार, जमीन पर गिट्टी का पहाड़!”
कुछ सोशल मीडिया पोस्टों को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि मरम्मत के पूरे काम की वास्तविक स्थिति दिखाने के बजाय केवल अच्छी तस्वीरें सामने लाने से क्या समस्या खत्म हो जाएगी? जनता को पोस्ट नहीं, चलने लायक सड़क चाहिए।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी लोगों का सवाल है कि यदि सड़क सुधार का काम जनता की सुविधा के लिए हो रहा है तो मौके पर जाकर यह देखना भी जरूरी है कि छोटे वाहन और आम राहगीर उस पर सुरक्षित चल पा रहे हैं या नहीं।
अब जनता का सीधा सवाल है—गड्ढे भरने के नाम पर ऐसी गिट्टी डालने से आखिर किसे राहत मिली?
क्योंकि पुराना बाजार में बड़े वाहन शायद निकल जाएं, लेकिन बाइक और स्कूटी वाले सोच रहे हैं कि सड़क पार करें या पहले अपना इंश्योरेंस चेक करें! 😄
मरम्मत के नाम पर केवल फोटो और सोशल मीडिया पोस्ट से काम नहीं चलेगा। यदि वास्तव में राहत देनी है तो सड़क को उचित सामग्री और तकनीकी मानकों के अनुसार समतल एवं सुरक्षित बनाना होगा, ताकि पखांजूर पुराना बाजार के लोगों को फोटो वाली नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाली राहत मिल सके।





