सुरजगढ़ माइंस की गाड़ियों पर रोक नहीं लगी तो आर-पार की लड़ाई: 24 अगस्त को जिला स्तरीय धरना, कांग्रेस ने प्रशासन को दी चेतावनी

पखांजूर।
सुरजगढ़ माइंस की भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से पखांजूर क्षेत्र की सड़कें जर्जर होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने अब आंदोलन को जिला स्तर पर ले जाने का ऐलान किया है। 24 अगस्त, सोमवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि माइंस के भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
पखांजूर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष राजदीप हालदार ने कहा कि सुरजगढ़ माइंस के सैकड़ों भारी वाहन लगातार पखांजूर क्षेत्र से होकर गुजर रहे हैं। इन वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण मरोड़ा से महाराष्ट्र सीमा तक की सड़क की हालत लगातार बिगड़ रही है और कई स्थानों पर पक्की सड़क मिट्टी की सड़क में तब्दील होती नजर आ रही है।
उन्होंने बताया कि पीवी-39, पखांजूर प्रवेश द्वार अंजाड़ी नाला, नया बाजार, पुराना बाजार मुख्य चौराहा, हरनगढ़, कापसी बिजली ऑफिस के पास, पीवी-34, बड़गांव और छिंदपाल सहित कई स्थानों पर स्टेट हाईवे की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह भारी वाहनों की आवाजाही जारी रही तो आने वाले दो माह में स्टेट हाईवे-25 की स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
राजदीप हालदार ने कहा कि माइंस की सैकड़ों गाड़ियों के एक साथ सड़क पर चलने से छोटे चारपहिया और दोपहिया वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और आम जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता की इस समस्या को उठाती रही है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब माइंस की गाड़ियों से सड़कें खराब हो रही हैं तो आखिर सड़क की मरम्मत और जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
राजदीप हालदार ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “24 अगस्त का धरना केवल एक दिन का आंदोलन नहीं समझा जाए। यदि सुरजगढ़ माइंस के भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया और जनता को राहत नहीं मिली तो कांग्रेस क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करेगी। जब तक भारी वाहनों की आवाजाही पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
कांग्रेस ने 24 अगस्त के धरना प्रदर्शन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। धरने में सड़क की तत्काल मरम्मत, भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक, माइंस वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और आम जनता की सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।





